PM मोदी आज एशियाई खेल 2026 के भारतीय खिलाड़ियों से करेंगे मुलाकात, 85 पदक जीतकर भारत रहा चौथे स्थान पर

15 Oct 2026 - 14:14
Updated: 12 days ago
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PM मोदी आज एशियाई खेल 2026 के भारतीय खिलाड़ियों से करेंगे मुलाकात, 85 पदक जीतकर भारत रहा चौथे स्थान पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 15 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एशियाई खेल 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन पर चर्चा करेंगे और प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के दल को संबोधित करेंगे। इस दौरान खिलाड़ियों के कोच, सहायक कर्मचारी, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल संघों के प्रतिनिधि और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

एशियाई खेल 2026 में भारत ने कुल 85 पदक हासिल किए, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कुछ स्पर्धाओं में ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जिन्होंने भारतीय खेलों के इतिहास में नई जगह बनाई।

प्रधानमंत्री के साथ होने वाली यह मुलाकात खिलाड़ियों के प्रदर्शन, उनकी उपलब्धियों और प्रतियोगिता के दौरान भारतीय दल के अनुभवों पर केंद्रित रहेगी। कार्यक्रम में खिलाड़ियों के साथ खेल जगत से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रहेगी। आइए जानते हैं, एशियाई खेल 2026 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा और किन स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष उपलब्धियां हासिल कीं।

प्रधानमंत्री मोदी खिलाड़ियों से करेंगे सीधा संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यक्रम एशियाई खेलों में भाग लेने वाले भारतीय दल के सम्मान और खिलाड़ियों के साथ संवाद के लिए आयोजित किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एथलीटों से मुलाकात करेंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनसे सीधे बातचीत करेंगे। साथ ही, वह भारतीय दल को संबोधित भी करेंगे। इस आयोजन में केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि उनके साथ प्रतियोगिता में सहयोग करने वाले कोच और सहायक कर्मचारी भी शामिल होंगे।

भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों, राष्ट्रीय खेल संघों के प्रतिनिधियों और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से कार्यक्रम में खेल प्रशासन से जुड़े लोगों की भागीदारी भी रहेगी। एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के पीछे प्रशिक्षण, रणनीति और सहयोगी टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में इस मुलाकात के दौरान भारतीय दल से जुड़े विभिन्न सदस्यों की उपस्थिति उल्लेखनीय रहेगी।

85 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर भारत

एशियाई खेल 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते। पदकों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य शामिल रहे। इस तरह भारतीय दल ने प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया। अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के कारण भारत की पदक सूची में कई तरह की उपलब्धियां जुड़ीं।

भारत के लिए इन खेलों में पदक जीतना विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है। स्वर्ण पदकों के साथ-साथ रजत और कांस्य पदकों ने भारत के कुल पदकों की संख्या को 85 तक पहुंचाया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह लगातार दूसरी बार रहा जब भारत ने एशियाई खेलों में शीर्ष पांच देशों के बीच अपनी जगह बनाई। इस प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि, अलग-अलग खेलों में मिली उपलब्धियों का महत्व केवल पदकों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ स्पर्धाओं में लंबे अंतराल के बाद मिली सफलता और पहली बार हासिल किए गए पदक भी महत्वपूर्ण रहे।

हॉकी में पुरुष और महिला टीमों ने जीता स्वर्ण

एशियाई खेल 2026 में भारतीय हॉकी के लिए भी खास उपलब्धि दर्ज की गई। पुरुष और महिला, दोनों भारतीय हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीते। दोनों टीमों की इस सफलता ने प्रतियोगिता में भारत की हॉकी उपलब्धियों को विशेष पहचान दी।

किसी एक संस्करण में पुरुष और महिला टीमों का स्वर्ण पदक जीतना भारतीय हॉकी के लिए उल्लेखनीय रहा। टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कौशल के साथ सामूहिक तालमेल, रणनीति और मैदान पर बेहतर समन्वय की भी अहम भूमिका होती है। दोनों टीमों की उपलब्धियों ने एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन को मजबूती दी।

हॉकी के अलावा रिकर्व तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इसके साथ ही भारत ने सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में पहली बार पदक जीतकर नई उपलब्धियां दर्ज कीं। इन खेलों में मिले पदकों ने भारतीय दल की उपलब्धियों का दायरा बढ़ाया और अलग-अलग स्पर्धाओं में देश की भागीदारी को रेखांकित किया।

 शूटिंग में पहली बार स्वर्ण, वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद रजत

भारतीय खिलाड़ियों ने निशानेबाजी और भारोत्तोलन में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। महिलाओं की ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में भारत ने अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। यह उपलब्धि निशानेबाजी में भारतीय दल के प्रदर्शन के लिहाज से खास रही।

ट्रैप शूटिंग में निशानेबाजों को उड़ते हुए लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाना होता है। इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करना खिलाड़ियों की एकाग्रता और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। हालांकि, इस उपलब्धि के साथ खिलाड़ियों के नाम और उनके व्यक्तिगत स्कोर से संबंधित अतिरिक्त विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिए गए हैं।

वहीं, भारोत्तोलन में भारत ने 28 साल के लंबे अंतराल के बाद रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि ने एशियाई खेलों में भारोत्तोलन के क्षेत्र में भारत की पदक सूची में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा। लंबे समय बाद मिली इस सफलता के कारण यह प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

अलग-अलग खेलों में हासिल किए गए इन पदकों से स्पष्ट होता है कि भारतीय दल की उपलब्धियां केवल पारंपरिक रूप से चर्चित खेलों तक सीमित नहीं रहीं। शूटिंग और वेटलिफ्टिंग जैसी स्पर्धाओं में मिले पदकों ने भारत के कुल प्रदर्शन में योगदान दिया।

ग्रीको-रोमन कुश्ती में 64 साल बाद फाइनल तक पहुंचा भारत

एशियाई खेल 2026 में कुश्ती के क्षेत्र में भी भारत ने महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारतीय पहलवानों ने रजत पदक जीता और 64 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद इस स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।

ग्रीको-रोमन कुश्ती में खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत मुकाबला करना होता है। इस शैली में शरीर के ऊपरी हिस्से से जुड़ी तकनीकों का विशेष महत्व होता है। ऐसे में फाइनल तक पहुंचना भारतीय पहलवानों के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही।

इस प्रदर्शन के साथ भारत ने उन खेलों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां लंबे समय से बड़ी सफलता का इंतजार था। रजत पदक के अलावा फाइनल तक पहुंचने का ऐतिहासिक महत्व भी इस उपलब्धि को खास बनाता है।

कुश्ती, निशानेबाजी, भारोत्तोलन, हॉकी और तीरंदाजी सहित विभिन्न खेलों में मिली सफलताओं ने भारतीय दल के कुल 85 पदकों में योगदान दिया। इन उपलब्धियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खिलाड़ियों से प्रस्तावित मुलाकात कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है।

निष्कर्ष

एशियाई खेल 2026 में 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत, जहां खिलाड़ियों ने कई खेलों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। पुरुष और महिला हॉकी टीमों के स्वर्ण पदक, महिलाओं की ट्रैप शूटिंग में पहला स्वर्ण, भारोत्तोलन में 28 साल बाद रजत और ग्रीको-रोमन कुश्ती में 64 साल बाद फाइनल तक पहुंचने जैसी उपलब्धियां इस प्रदर्शन के प्रमुख हिस्से रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में भारतीय एथलीटों से मुलाकात कर उनके अनुभव सुनेंगे और पूरे दल को संबोधित करेंगे।

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