छत्तीसगढ़ में सिंचाई योजनाओं को मिली बड़ी मंजूरी, 64.43 करोड़ रुपये से 16 कार्य होंगे
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में 16 सिंचाई योजनाओं और जल संसाधन से जुड़े कार्यों के लिए कुल 64 करोड़ 43 लाख 63 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। इन कार्यों में एनीकट निर्माण, जलाशयों के जीर्णोद्धार, नहरों की लाइनिंग, रिमाडलिंग, जलद्वारों के नवीनीकरण और अन्य जरूरी संरचनात्मक कार्य शामिल हैं।
इन स्वीकृत कार्यों का उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करना और किसानों को खेती के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध कराना है। महासमुंद, बलौदा-बाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी और बालोद जिले में अलग-अलग योजनाओं के तहत ये कार्य किए जाएंगे। कई योजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है।
महासमुंद जिले में छह सिंचाई कार्यों को मंजूरी
महासमुंद जिले में सिंचाई व्यवस्था से जुड़े छह कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की गई है। सरायपाली के कटंगी नाला पर ग्राम डुमरपाली में एनीकट निर्माण के लिए 3 करोड़ 52 लाख 99 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। कार्य पूरा होने पर 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
वहीं कुन्ती नाला व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य, नहरों और सीसी लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 74 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे 170 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है।
पिथौरा विकासखंड के राजाडेरा जलाशय की नहर के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 95 लाख 88 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 76 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जामली जलाशय योजना के विभिन्न कार्यों के लिए 4 करोड़ 24 लाख 5 हजार रुपये मंजूर हुए हैं, जिससे 202 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा।
इसके अलावा परसदा जलाशय के मरम्मत, रिमाडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 22 लाख 82 हजार रुपये तथा छपोराडीह जलाशय की नहरों की लाइनिंग, रिमाडलिंग और पक्के स्ट्रक्चरों के उन्नयन के लिए 3 करोड़ 97 लाख 87 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों कार्यों से क्रमशः 166 और 103 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की बात कही गई है।
बलौदा-बाजार-भाटापारा में दो योजनाओं पर होगा काम
बलौदा-बाजार-भाटापारा जिले में मोहतरा टार बांध योजना के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 2 करोड़ 27 लाख 88 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। काम पूरा होने के बाद 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
इसी तरह बिटकुली जलाशय योजना के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 96 लाख 35 हजार रुपये मंजूर हुए हैं। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 134 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है।
गरियाबंद में तीन जल संसाधन कार्यों की स्वीकृति
गरियाबंद जिले में पतोरा व्यपवर्तन के शीर्ष जीर्णोद्धार और नहर लाइनिंग के लिए 2 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्य पूरा होने पर करीब 84 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
गनियारी जलाशय के शीर्ष कार्य के जीर्णोद्धार, वेस्ट वियर की मरम्मत तथा मुख्य नहर की रिमाडलिंग और सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 66 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 144 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की जानकारी है।
वहीं ठाकुर देव जलाशय के शीर्ष, मुख्य नहर, शाखा नहरों और लाइनिंग कार्यों के लिए 4 करोड़ 35 लाख 73 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। कार्य पूरा होने पर 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
धमतरी में जलद्वार और एनीकट से जुड़े कार्य
धमतरी जिले में राजाडेरा लघु जलाशय के जलद्वार के नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 65 लाख 7 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद करीब 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा महानदी पर निर्मित खट्टी एनीकट के संरक्षण एवं जलद्वार के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 89 लाख 3 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे क्षेत्रीय किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बालोद में घाट, तटबंध और नहरों के कार्य
बालोद जिले के ग्राम मारीदेवरी में खरखरा नदी के बांयी ओर शीतला मंदिर के पास घाट एवं तटबंध निर्माण के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके साथ ही तांदुला, गांदली और खरखरा जलाशयों में विद्युतीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था के लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं तांदुला परियोजना के अंतर्गत सकरौद वितरक नहर के नाहंदा माईनर, डौकीडीह माईनर, सुखरी माईनर और भदेरा माईनर के विभिन्न कार्यों के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
निष्कर्ष
जल संसाधन विभाग की ओर से स्वीकृत इन 16 कार्यों में नहरों के सुधार से लेकर जलाशयों और एनीकट से जुड़े जरूरी निर्माण एवं मरम्मत कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित जिलों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों के लिए कृषि भूमि तक पानी की सुविधा पहुंचाने में मदद मिलने की जानकारी दी गई है।
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