शीर्षक: ‘कहानी बदलाव की’ से गांव-गांव पहुंचेगी विकास की गूंज, 17 अक्टूबर को होगा भव्य समापन
सरकारी योजनाओं से आम लोगों की जिंदगी में आए बदलावों को सामने लाने के लिए ‘कहानी बदलाव की’ पहल शुरू की जाएगी। अभियान के दौरान विभिन्न योजनाओं से लाभ पाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां जुटाई जाएंगी। इन कहानियों के जरिए यह दिखाया जाएगा कि सरकारी योजनाओं ने किस तरह लोगों को आत्मनिर्भर बनने और बेहतर जीवन की ओर बढ़ने का अवसर दिया है। साथ ही, ये प्रेरक अनुभव दूसरे पात्र नागरिकों को भी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
अभियान में ‘विकसित भारत 2047’ की थीम को भी प्रमुखता दी जाएगी। स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के साथ ‘नमो सेवा’ के तहत नुक्कड़ नाटक आयोजित होंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। देश में पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं से हुए बदलावों को संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी है। इन कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल, कॉलेज, पंचायत, सामुदायिक केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किया जाएगा।
इसके अलावा करीब 50 ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा, जिन्हें विकास और बदलाव के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इन स्थानों के दौरे में सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी शामिल करने की योजना है, ताकि विकास की कहानियां व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सकें।
अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ’ के साथ होगा। इसमें पंचायत से लेकर संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। समापन अवसर पर सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ की सभी छह कड़ियां गाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
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