शेयर बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 533 अंक टूटा, निफ्टी 23,500 के नीचे; IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

09 Sep 2026 - 10:34
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शेयर बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 533 अंक टूटा, निफ्टी 23,500 के नीचे; IT शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 533 अंक टूटकर 75,044 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 135 अंक फिसलकर 23,498 पर आ गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और सर्विसेज सेक्टर में बिकवाली से देखने को मिला।

बैंकिंग, रियल्टी, ऑटो और एफएमसीजी समेत कई प्रमुख सेक्टरों के इंडेक्स भी लाल निशान में रहे। हालांकि फार्मा, मेटल और एनर्जी शेयरों में कुछ खरीदारी ने बाजार को संभालने की कोशिश की।

IT और सर्विसेज शेयरों ने बढ़ाई चिंता

शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT और निफ्टी सर्विसेज सबसे ज्यादा दबाव वाले सेक्टोरल इंडेक्स में रहे। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल्टी, ऑटो, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक, FMCG, मीडिया, कंजम्पशन और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली।

इन सेक्टर्स में दिखी खरीदारी

गिरते बाजार के बीच एनर्जी, हेल्थकेयर, PSE, फार्मा, मेटल और कमोडिटीज से जुड़े शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स पैक में L&T, NTPC, Sun Pharma, Power Grid, Tata Steel, BEL, Adani Ports और Kotak Mahindra Bank बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

HCL Tech से Infosys तक IT शेयरों में दबाव

IT सेक्टर में HCL Tech, Tech Mahindra, Infosys और TCS प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे। इनके अलावा HUL, M&M, Bharti Airtel, Bajaj Finance, HDFC Bank, UltraTech Cement, ICICI Bank, Eternal, SBI, Axis Bank, ITC, Titan, Maruti Suzuki और Asian Paints भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

बुधवार को एशियाई बाजारों से भी भारतीय बाजार को कोई मजबूत सहारा नहीं मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और सियोल के प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि जकार्ता का बाजार कमजोरी में रहा।

अमेरिकी बाजार भी दबाव में

इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। Dow Jones में 1.18%, जबकि Nasdaq में 0.32% की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर अमेरिकी बाजार का असर बुधवार को एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।

महंगा कच्चा तेल और IPO मार्केट बनी चुनौती

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल शेयर बाजार पर दो बड़े दबाव हैं। पहला, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया है। महंगे कच्चे तेल से भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

दूसरी बड़ी चुनौती तेजी से बढ़ता IPO बाजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि IPO में बढ़ती भागीदारी के कारण शेयर बाजार की लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है और इसका दबाव निफ्टी पर दिखाई दे रहा है।

IPO में बढ़ते लिस्टिंग गेन ने खींचा निवेशकों का ध्यान

जानकारों के अनुसार, जून के बाद से IPO का औसत लिस्टिंग गेन करीब 22% तक पहुंच गया है। बेहतर लिस्टिंग गेन के चलते रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की दिलचस्पी IPO बाजार में बढ़ी है।

इस साल अब तक निफ्टी का रिटर्न करीब -9.5% रहा है। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने एक्सचेंजों के जरिए करीब ₹2.84 लाख करोड़ की इक्विटी बेची है। इसके बावजूद FII की IPO में करीब ₹36,000 करोड़ की निवेश भागीदारी रही है।

बाजार के लिए आगे क्या?

कमजोर वैश्विक संकेत, महंगा कच्चा तेल, IT शेयरों में बिकवाली और IPO बाजार की ओर बढ़ता निवेश—इन सभी कारकों के बीच आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी।

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