CGPSC Mains Result: हाईकोर्ट ने री-इवेल्यूएशन की मांग खारिज की, 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए पात्र
CGPSC Mains Result 2026 को लेकर चल रहे विवाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि संबंधित परीक्षा नियमों में उत्तर पुस्तिकाओं के री-इवेल्यूएशन का प्रावधान नहीं है। अदालत के सामने याचिकाकर्ता मूल्यांकन प्रक्रिया में ऐसी कोई ठोस गड़बड़ी साबित नहीं कर सके, जिसके आधार पर दोबारा जांच का आदेश दिया जा सके।
मामला CGPSC की उस मुख्य परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 265 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर सवाल उठे। अभ्यर्थियों की ओर से 1:3 के अनुपात का हवाला देते हुए कहा गया कि 265 पदों के लिए 795 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन परिणाम में केवल 608 अभ्यर्थी ही अगले चरण के लिए चुने गए।
हाईकोर्ट ने री-इवेल्यूएशन की मांग क्यों ठुकराई?
याचिकाकर्ताओं ने उत्तर पुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन की मांग करते हुए परिणाम पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि अपेक्षित संख्या में उम्मीदवारों के चयन नहीं होने से मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर आशंका पैदा हुई है। हालांकि, अदालत ने परीक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
जस्टिस बीडी गुरु की अदालत ने स्पष्ट किया कि जब परीक्षा नियमों में पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था नहीं है, तो केवल कम अंक मिलने के आधार पर उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच का निर्देश नहीं दिया जा सकता। अदालत के समक्ष मूल्यांकन में किसी विशेष या ठोस अनियमितता का प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
1:3 अनुपात को लेकर क्या था विवाद?
CGPSC ने 265 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि नियमों के अनुसार इंटरव्यू के लिए 1:3 के अनुपात में उम्मीदवार बुलाए जाने चाहिए। इस हिसाब से 265 पदों के लिए 795 अभ्यर्थियों को अगले चरण में बुलाए जाने की बात कही गई।
हालांकि, आयोग के परिणाम में 608 उम्मीदवार ही पात्र पाए गए। इसी अंतर को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए और री-इवेल्यूएशन की मांग की। उनका पक्ष था कि निर्धारित अनुपात में उम्मीदवारों की संख्या कम होने के पीछे मूल्यांकन से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है।
आयोग ने न्यूनतम अंकों की शर्त बताई
मामले की सुनवाई के दौरान CGPSC ने कोर्ट के सामने न्यूनतम अंकों से जुड़ी शर्त रखी। आयोग के अनुसार, मुख्य परीक्षा में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था। वहीं आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह न्यूनतम सीमा 23 प्रतिशत निर्धारित थी।
आयोग ने बताया कि सभी आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हुए प्रत्येक पेपर में निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करने वाले केवल 608 अभ्यर्थी ही मिले। यानी 795 उम्मीदवारों का 1:3 अनुपात अपने आप पूरा होना जरूरी नहीं था, क्योंकि इंटरव्यू के लिए पात्रता पहले न्यूनतम अंकों की शर्त पूरी करने पर निर्भर थी।
सिर्फ कम अंक आने से नहीं होगी दोबारा जांच
अदालत के फैसले का मुख्य आधार परीक्षा नियमों और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी साबित गड़बड़ी की अनुपस्थिति रहा। हाईकोर्ट ने माना कि किसी उम्मीदवार को अपेक्षा से कम अंक मिलने मात्र से उत्तर पुस्तिका का दोबारा मूल्यांकन नहीं कराया जा सकता।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से ऐसी विशिष्ट अनियमितता साबित नहीं की जा सकी, जिससे मौजूदा परिणाम को बदलने या पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया की दोबारा जांच कराने की जरूरत सामने आती। इसलिए री-इवेल्यूएशन की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया।
इंटरव्यू फिलहाल स्थगित, नई तारीख का इंतजार

हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद CGPSC ने फिलहाल इंटरव्यू प्रक्रिया स्थगित कर रखी है। आयोग की ओर से उपलब्ध जानकारी में इंटरव्यू टालने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। ऐसे में मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किए गए 608 अभ्यर्थियों को अब साक्षात्कार की नई तारीख का इंतजार है।
CGPSC Mains Result को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक स्तर पर सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर आरोप और सवाल सामने आए थे। हालांकि, हाईकोर्ट के सामने विचाराधीन मुद्दा मुख्य रूप से री-इवेल्यूएशन की मांग और परीक्षा नियमों से जुड़ा था।
निष्कर्ष
CGPSC Mains 2026 के परिणाम को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट के फैसले के बाद री-इवेल्यूएशन की मांग खारिज हो गई है। अदालत ने परीक्षा नियमों में पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नहीं होने और मूल्यांकन में ठोस गड़बड़ी साबित नहीं होने को महत्वपूर्ण माना। वहीं आयोग के अनुसार न्यूनतम अंक की अनिवार्य शर्त पूरी करने वाले 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू चरण के लिए पात्र पाए गए। अब इन उम्मीदवारों की नजर CGPSC की ओर से जारी होने वाली साक्षात्कार की नई तारीख पर है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)