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भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। पश्चिमी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर कीमती धातुओं के बाजार पर दिखाई दे रहा है। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बाजार में बनी अटकलों के बीच सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
पिछले तीन दिनों में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 3,890 रुपये तक कम हो चुकी है। इसी अवधि में 22 कैरेट सोना 3,560 रुपये तक सस्ता हुआ है। दूसरी ओर, सितंबर के आखिरी दिन यानी 30 सितंबर को चांदी के भाव में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। इंडस्ट्रियल डिमांड में सुस्ती के बीच चांदी 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।
प्रमुख शहरों में चांदी का ताजा भाव
30 सितंबर को देश के प्रमुख महानगरों में एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,39,900 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है। दिल्ली में चांदी की कीमत 100 रुपये घटकर 2,39,900 रुपये प्रति किलो हो गई। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी चांदी इसी स्तर पर कारोबार कर रही है।
इससे पहले 28 सितंबर को चांदी के दाम में 5,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई थी। उससे पहले लगातार तीन दिनों तक चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस तरह सितंबर के अंतिम दिनों में चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
10 बड़े शहरों में सोने के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत 10 बड़े शहरों के सोने के भाव जानना खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। नीचे दी गई कीमतों की सूची में शहरवार सोने के दाम देखे जा सकते हैं।
यहां 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव की जानकारी दी गई है, जिससे खरीदारों को अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमत समझने में आसानी होगी।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं मिलने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयानों के बीच कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी सोने के लिए चुनौती बन रही है। बाजार में इन कारकों के कारण निवेशकों के रुझान में बदलाव देखने को मिल रहा है।
ब्याज दरों की अटकलों से सोने पर दबाव
महंगाई की स्थिति को देखते हुए अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति पर है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के महंगाई पर फोकस करने की बात के बाद ब्याज दरों को लेकर अटकलें तेज हुई हैं।
यदि ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है तो सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भी सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक संकेतकों और अमेरिकी मौद्रिक नीति पर सर्राफा बाजार की नजर बनी हुई है।
निष्कर्ष
सितंबर के आखिरी दिन भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों में कमजोरी दर्ज की गई है। पिछले तीन दिनों में सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के साथ चांदी भी 30 सितंबर को 100 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई। आगे कीमतों की दिशा पर कच्चे तेल, डॉलर, महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति जैसे कारकों का असर महत्वपूर्ण रह सकता है।
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