धमतरी की पंचायतों की बदलेगी तस्वीर, जमीन से होगी कमाई; PPP मॉडल से बढ़ेगी ‘अपनी आय’
धमतरी। ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए धमतरी जिले में नई पहल शुरू की गई है। पंचायतों की खाली जमीन और उपलब्ध परिसंपत्तियों को आय का जरिया बनाने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त और नियमित आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना है।
जिले में मुख्य सड़कों, बाजार क्षेत्रों और शहर व बड़े आबादी वाले इलाकों के आसपास व्यावसायिक संभावनाओं वाली पंचायत भूमि को चिन्हांकित किया गया है। राजस्व विभाग की प्रक्रिया के बाद इन जमीनों का पंचायतों के नाम आबंटन किया गया। इसके बाद भूमि की गाइडलाइन दर और प्रस्तावित निर्माण लागत को ध्यान में रखते हुए पंचायत राज अधिनियम के तहत बेस रेट तय किया गया है। अब पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के जरिए इन स्थानों पर व्यावसायिक परिसरों के विकास और आबंटन की कार्रवाई की जा रही है।
इस मॉडल के तहत पंचायत की संपत्तियां अब सिर्फ खाली पड़ी जमीन नहीं रहेंगी, बल्कि उनसे स्थायी आय अर्जित करने का माध्यम तैयार किया जाएगा। स्थानीय जरूरतों और बाजार की संभावनाओं के अनुसार व्यावसायिक दुकानें, यूनिपोल, होर्डिंग और अन्य अनुमत गतिविधियों को PPP मॉडल से जोड़ा जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ पंचायतों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि पंचायतों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना मजबूत स्थानीय स्वशासन के लिए जरूरी है। पंचायतों की भूमि और परिसंपत्तियों का नियमों के तहत पारदर्शी एवं जनहितकारी उपयोग करते हुए आय के नए स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही पंचायत प्रशिक्षण कार्यक्रम को डिजिटल स्वरूप में संचालित किया जा रहा है और समर्थ पोर्टल के माध्यम से पंचायतों की प्रगति पर निगरानी रखी जा रही है।
पंचायतों की आय बढ़ने से स्वच्छता, पेयजल, स्थानीय अधोसंरचना, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव जैसे जरूरी कामों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध होगा। इससे पंचायतों में वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और बेहतर परिसंपत्ति प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार की विभिन्न ग्रामीण योजनाओं के तहत गांवों में तैयार की गई परिसंपत्तियों के रखरखाव में भी पंचायतों की अपनी आय अहम भूमिका निभा सकती है। वहीं, 16वें वित्त आयोग की परफॉरमेंस ग्रांट के लिहाज से भी ग्राम पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धमतरी का यह मॉडल पंचायतों को केवल सरकारी अनुदानों पर निर्भर रहने के बजाय खुद की कमाई, वित्तीय आत्मनिर्भरता और मजबूत स्थानीय शासन की दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिश है। जिले में स्थानीय संभावनाओं के आधार पर PPP मॉडल से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
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